Sukoon









तुम सुकून हो शायद
जैसे पहाड़ो मै चलती हुई ठंडी हवा के साथ आती ताज़ी फूलों की खुशबू....
जो ज़िंदा महसूस करवाती है।


तुम हो वो जगह जहां चलते चलते रुक जाने का मन करे...
वो चट्टान जहां  बस चुप रह कर नदी की आवाज़ सुनें हम और
 जंगल को ताके..


शायद तुम हो वो मधुमक्खियों का झुंड, जिसने दुनिया को apocalypse से बचा रखा है।

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